सोमवार, 28 अगस्त 2017

जादुई बारिश

नज़र नही आती बूंदें
कभी कभी बारिश की फोटो में
कभी कभी गुम हो जाता है
बरसता पानी
पेड़ों की पत्तियों
घास के मैदानों
बरसाती नालों
हरियाली ओढ़े खेतों
या फिर पशु-पक्षियों में
और फिर छा जाता है जादू
हर जगह
हर ओर
हमेशा जरूरी नही होता
नज़र आना
प्रभाव छोड़ने के लिए

मंगलवार, 15 अगस्त 2017

मन भयमुक्त हो जहां

मन भयमुक्त हो जहां
और मस्तक ऊंचा

ज्ञान जहां मुक्त हो;

और जहां दुनिया को

संकीर्ण घरेलू दीवारों से

छोटे छोटे टुकड़ों में बांटा नहीं गया है;

जहां शब्द सच की गहराइयों से निकलते हैं;

जहां थकी हुई प्रयासरत बांहें

त्रुटि हीनता की तलाश में हैं;

जहां कारण की स्पष्ट धारा है

जो सुनसान रेतीले मृत आदत के

वीराने में अपना रास्ता खो नहीं चुकी है;

जहां मन हमेशा  व्यापक होते विचार और सक्रियता में

तुम्हारे जरिए आगे चलता है

और आजादी के स्वर्ग में पहुंच जाता है

ओ पिता

मेरे देश को ऐसा जागृत बनाओ”

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