रविवार, 31 मार्च 2013

गुमनाम दिन!



      आजकल दिन गुमनाम से हो चले हैँ
      अन्धकार मेँ शुरू होकर
      अन्धकार मेँ ही मिट जाते हैँ |


    शायद कभी ऐसा न रहा हो

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