बुधवार, 26 अगस्त 2009

ताजमहल मेरे मोबाइल के कैमरे की नज़र से

पिछले दिनों आगरा जाना हुआ वहाँ से वापसी के वाले दिन थोड़ा समय बच गया था फतेहपुर सीकरी जाने काबहुत मन था पर समय नही था लखनऊ वापसी की जल्दी थी, तो सोचा कि ताजमहल ही घूम आया जाए



ताजमहल उन इमारतों में है जिनकी तस्वीरें सबसे ज्यादा खींची गई हैं ऐसे में ताजमहल की कोई अनोखी फोटोखींच पाना कठिन है ऊपर से मोबाइल के कैमरे से तो और भी कठिन




खैर हम तस्वीरें ले आए



कुछ आप भी देखिये














11 टिप्‍पणियां:

  1. ताजमहल की फोटो हैं, और आपने खींचा है, तो तारीफ के काबिल तो होंगी ही।
    -Zakir Ali ‘Rajnish’
    { Secretary-TSALIIM & SBAI }

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  2. ताजमहल तो लाजवाब है ही...लेकिन आपकी दृष्टि और कैमरा उस से भी लाजवाब हैं...कौनसा मोबाईल है आपके पास जिसकी तस्वीरें इतनी गज़ब की हैं...
    नीरज

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  3. The Fourth one from the top shows that you have wonderful sense of taking pictures !! Good Work Roushan !!

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  4. क्या आप इस तरह के मेसेज अपने मोबाइल पर निशुल्क प्राप्त करना चाहते
    सोचो ! अगर ईश्वर प्रति दिन का हमसे 1000 रूपया लेता तो क्या हम एक सैकण्ड भी व्यर्थ करते।

    • यदि बड़ा आदमी बनना हैं तो पहले छोटा आदमी बनो।
    • सकारात्मक सोचने की कला-सोचे वही जो बोला जा सके और बोले वही जिसके नीचे हस्ताक्षर किये जा सके।
    • जो लोग सुबह उगता हुआ सूरज देखते हैं, वे उगते हुए भाग्य के मालिक बनते हैं।
    • हमें स्वयं को केवल एक मिनट के लिये बूढ़ा बनाना चाहिये। कब ? जब सामने मौत आने वाली हो।
    • असफलता की ट्रेन आमतौर पर अनिर्णय की पटरी पर दौड़ती हैं।
    • 99 फीसदी मामलों में वही लोग असफल होते हैं, जिनमें बहाने बनाने की आदत होती हैं।
    • इन्सान को सद् इन्सान केवल विचारों के माध्यम से बनाया जा सकता है।
    • मालिक बारह घण्टे काम करता हैं, नौकर आठ घण्टे काम करता हैं, चोर चार घण्टे काम करता हैं। हम सब अपने आप से पूछे कि हम तीनों में से क्या है।
    • भगवान की दुकान प्रात: चार बजे से छ: बजे तक ही खुलती है।
    • परिवर्तन से डरोगे तो तरक्की कैसे करोगे ?
    • सबसे अधिक खराब दिन वे हैं जब हम एक बार भी हँसी के ठहाके नहीं लगाते हैं।
    • सद्विचार सत्य को लक्ष्य करके छोड़ा हुआ तीर है।
    • आप ढूँढे तो परेशानी का आधा कारण अपने में ही मिल जाता है।
    • यदि जीने की कला हाथ लग जाये तो जीवन बांस का टुकड़ा नहीं, आनन्द देने वाली बांसुरी बन जाती है।
    • यदि हम किसी दूसरे जैसा बनने की कोशिश करते हैं, तो दूसरे स्थान पर ही रहते हैं। अगर हमें आदर्श स्थिति पर पहुंचना हैं, तो खुद अपना रास्ता बनाना होगा।
    • कई लोग जिंदगी में सही निशाना तो साध लेते हैं, पर ट्रिगर नहीं दबा पाते हैं, जिंदगी में निर्णय लेना बेहद जरूरी हैं।
    • प्रेम दूरबीन से देखता हैं और ईश्र्या माइक्रोस्कोप से।
    • श्रेष्ठ प्रबन्धन संघर्ष और सफलता के बीच के अन्तर को समाप्त करता हैं।
    • बीते समय में हमने भविष्य की चिन्ता की, आज भी हम भविष्य के लिये सोच रहे हैं और शायद कल भी यही करेंगे। फिर हम वर्तमान का आनन्द कब लेंगे ?
    • किसी में कमी तलाश करने वालों की मिसाल उस मक्खी की तरह हैं जो पूरा सुन्दर जिस्म छोड़कर सिर्फ जख्म पर ही बैठती हैं।
    • जीतने वाले कोई अलग काम नहीं करते हैं, वे तो बस हर काम को अलग अन्दाज से करते हैं।
    • जिन्दगी में कभी किसी के ऊपर निर्भर नहीं रहना, चाहे वह आपकी परछाया ही क्यो न हो, अंधेरे में वह भी आपका साथ छोड़ देगी।
    • एक ध्येय वाक्य-``यह भी बीत जायेगा।´´ ये चार शब्द चार वेदों का काम कर सकते हैं।

    यदि हाँ तो-

    अपने मोबाइल में मेसेज टाइप करे - JOIN लिखे, इसके बाद एक स्पेस दे, फिर MOTIVATIONS लिखे। इसे 09870807070 पर भेज दें। Successfully subscribe होने के बाद प्रतिदिन आपको अनमोल सद्विचार अपने मोबाइल पर प्राप्त होते रहेंगे। यह सेवा पूर्णतया नि:शुल्क हैं। हमारी आप सभी से यह विनम्र अपील हैं कि आप सभी विचार क्रान्ति अभियान की इस अभिनव योजना से जुड़े और अधिकाधिक लोगों को इस योजना से जोड़ने का प्रयास करावें।

    जनमानस परिष्कार मंच
    http://yugnirman.blogspot.com/2010/01/blog-post.html

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