शुक्रवार, 19 दिसंबर 2008

सबसे खूबसूरत पारी!

सबसे खूबसूरत चीजें कविता में एक लाइन जोड़ने का मन था .


सबसे खूबसूरत वो पारी है
जो अभी खेली जानी बाकी है

सचिन के लिए .

मुझे क्रिकेट में कोई ख़ास रूचि नही है पर जब भी मैच होता है सचिन का खेल देखने बैठ जाती हूँ . कभी कभी तो ऐसा मन होता है कि ओपनिंग करने वाले और सचिन के पहले आने वाले आउट हो जाय जिससे सचिन क्रीज पर आ जायें और ........
हर टेस्ट के पहले सोचती हूँ कि इस टेस्ट में सचिन ४०० क्रास कर जाएँ . हर वनडे के पहले मन होता है कि काश इस मैच में सचिन २०० क्रास कर जाए . मेरे दोस्त कहते हैं मुझे क्रिकेट की समझ नही है . मै हूँ जानती वो सही हैं.
पर सचिन आइकोन सिर्फ़ अपने क्रिकेट के लिए ही नही बने हैं. उनकी सरलता , उनकी लगन , उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति सब कुछ मिलकर उन्हें आइकोन बनाती है. २००३ के वर्ल्ड कप में पहले दो मैचों के बाद कप्तान और कोच नही सचिन को प्रेस कांफ्रेंस करे को कहा गया कि भारतीय क्रिकेट प्रेमी भरोसा रखें . वो एक ऐसा चह हैं जिनमे अपने आप भरोसा हो जाता है .
कुछ दिन पहले किसी ने कहा था कि ओबामा अमेरिका के लिए वही है जो क्रिकेट के लिए सचिन हैं. पता नही इन समानताओं में क्या होता है क्या नही .
कभी कभी सोचती हूँ कि भारतीय राजनीति को उसका अपना सचिन कब मिलेगा ,
जिसमे भरोसा हो सबको
जो खरा उतरे उन भरोसों पर
भले ही प्रश्न उठें पर वो उत्तर देने को हमेशा तत्पर रहे .

Follow by Email